इंदौर शिक्षक सेवा से मुक्त हो सकता है, समाज निर्माण के संकल्प से नहीं: संतोष जी पटेल का भव्य सम्मान. शेख इक़बाल
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इंदौर (लसूडिया)। “शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, क्योंकि समाज निर्माण में उसका योगदान जीवनभर अमिट रहता है।” इसी प्रेरणादायक भावना के साथ स्थानीय लसूडिया क्षेत्र में आदरणीय श्री संतोष जी पटेल (लसूडिया परमार) के सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, गणमान्य नागरिकों, युवाओं और बड़ी संख्या में समाजजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर अपने प्रिय शिक्षक का भावभीना अभिनंदन किया।
पुष्पमाला और शॉल ओढ़ाकर किया आत्मीय अभिनंदन
समारोह के दौरान श्री संतोष जी पटेल का पुष्पमालाओं, शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया। इस भावुक क्षण में उपस्थित वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि एक शिक्षक केवल अपनी सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होता है, लेकिन उसके द्वारा दिए गए ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों की सीख पीढ़ियों तक समाज का मार्गदर्शन करती रहती है। शिक्षक का व्यक्तित्व और उसका योगदान कभी समाप्त नहीं होता।
उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना
इस गरिमामय अवसर पर समाजजनों एवं मोनू पटेल ने श्री संतोष जी पटेल के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने विश्वास जताया कि श्री पटेल सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज और नई पीढ़ी के मार्गदर्शन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
कृतज्ञता और आत्मीयता से ओत-प्रोत रहा माहौल
पूरा सम्मान समारोह आत्मीयता, सम्मान, कृतज्ञता और भावनात्मक विदाई के भावों से सराबोर रहा। उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि (तालियों की गड़गड़ाहट) के बीच श्री संतोष जी पटेल के प्रति अपना स्नेह व्यक्त किया तथा उनके जीवन की इस नई पारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
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