अगर माहोल ज़हरीला हो जाऐ , हर जानो बदन को ख़तरा है। खुद माली नोच डाले चमन के फूलों को, तो चमन को ख़तरा है। सरकार निकम्मी हो जाऐ, तो वतन को ख़तरा है। औलाद निकम्मी हो जाऐ, तो धन को ख़तरा है। सिर्फ साज़िश और सियासत तलाश करते रहें, झूठ और बेशर्मी की ताकत तलाश करतें रहे। घर की बेटियां बेआबरू होकर सड़क पर इज़्ज़त की भीख मांगती रहीं, और हम दुनिया में घूम घूम कर इज़्ज़त तलाश करतें रहे। 💐💐💐💐💐
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