शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रीतमनगर में वीर बाल दिवस कार्यक्रम अंर्तगत निबंध लेखन, लघु नाटिका कार्यक्रम का आयोजन किया गया* – किस्मत न्यूज

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शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रीतमनगर में वीर बाल दिवस कार्यक्रम अंर्तगत निबंध लेखन, लघु नाटिका कार्यक्रम का आयोजन किया गया*

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*शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रीतमनगर में वीर बाल दिवस कार्यक्रम अंर्तगत निबंध लेखन, लघु नाटिका कार्यक्रम का आयोजन किया गया*

पत्रकार-ओमप्रकाश मालवीय

रतलाम/प्रीतमनगर -शिक्षक गोपाल भाभर के निर्देशन में छात्रों ने लघु नाटिका शीर्षक – ” हम हैं वीर” का आयोजन किया गया।

गतिविधि प्रभारी ऋतेश पंवार ने छात्रों को कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य बताते हुए कहा की वीर बाल दिवस जैसे कार्यक्रम वह कार्यक्रम हैं जो युवाओं, किशोरों, देश वासियों महिलाओं में राष्ट्रनिर्माण के लिए योगदान एवं मूल्यों को स्थापित करना और सुदृढ़ बनाना है ।

वीर बाल दिवस का आयोजन सिक्खों के दसवें गुरू गुरू गोबिन्द सिंह के पुत्रों की शहादत के सम्मान में इस दिन को मनाया जाता है. गुरु गोबिन्द सिंह ने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी. जिसका काम लोगों को मुगलों के उत्पीड़न से बचाया था. आनंदपुर साहिब में ही उनका किला था. मुगलों ने कई बार इन्हें यहां से निकालने का प्रयास किया पर असफल रहें. फिर बाद में मुगलों के समझौता हुआ कि अगर आनंदपुर छोड़ देंगे तो युद्ध नहीं होगा. लेकिन गुरु गोबिंद सिंह और उनके अनुयायियों पर सरसा नदी के पास हमला कर दिया गया | गुरु गोबिन्द सिंह जी के चार पुत्र अजीत सिंह जुझार सिंह जोरावर सिंह और फतेह सिंह थे. ये चारों ही खालसा का हिस्सा थे. 26 दिसंबर के दिन ही जोरावर सिंह और फतेह सिंह इसी हमले में शहीद हुए थे और बाकी परिवार वालों से अलग हो गए. उनकी शहादत को याद करने के लिए ही ये दिन मनाया जाता है. गुरु गोबिन्द सिंह जी चारों पुत्रों को 19 वर्ष की आयु से पहले ही मुगल सेना द्वारा मार डाला गया था.

प्रभारी प्राचार्य प्रशांत कुमार परासिया ने छात्रों को वीर बाल दिवस (26 दिसंबर) और बाल दिवस (14(नवंबर) में अंतर बताते हुए कहा की इस दिन सिख गुरु गोबिंद सिंह के चार साहिबजादों की शहादत को याद करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन पूरे राष्ट्र में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है |

इस अवसर पर संस्था के दिलीप दास बैरागी, बाबूलाल गेहलोत, राजेश मालीवाड, विनोद वसुनिया, गोपाल भाभर विनोद सिंह सोलंकी, ईश्वर लाल ओहरी सहित विद्यालयीन छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

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