स्वास्थ्य विभाग चिचोली द्वारा गम्बूसिया मछली का संचयन किया गया।* *गम्बूसिया मच्छर के लार्वा का करती है खात्मा* – किस्मत न्यूज

किस्मत न्यूज

Latest Online Breaking News

स्वास्थ्य विभाग चिचोली द्वारा गम्बूसिया मछली का संचयन किया गया।* *गम्बूसिया मच्छर के लार्वा का करती है खात्मा*

😊 Please Share This News 😊

*स्वास्थ्य विभाग चिचोली द्वारा गम्बूसिया मछली का संचयन किया गया।*

 

*गम्बूसिया मच्छर के लार्वा का करती है खात्मा*

 

चिचोली। सोमवार को सीबीएमओ डॉ राजेश अतुलकर के निर्देशन में एमटीएस पंकज डोंगरे द्वारा विकास खण्ड चिचोली के ग्राम चिरापाटला,ग्राम हर्रावाड़ी सहित आधा दर्जन ग्रामो के स्थायी जल स्त्रोतों में लार्वा भक्षी मछली का संचयन किया गया।श्री डोंगरे द्वारा बताया गया की राष्ट्रीय वाहक जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत मच्छर जनित बीमारियों पर नियंत्रण को लेकर विभाग सजग और लगातार प्रयास रत है इसी के तहत माह जुलाई और अगस्त सितम्बर में गम्बूसिया मछली संचयन किया जाता है सोमवार को स्थायी हेचरी से सीएचओ गीता आर्य,आशा ललिता ,आशा सुनीता यादव,राकेश कहार,गुरुचरण यादव की सहायता से चिरापाटला,झिरना ढाना,बढ़ढाना,हर्रावाडी,हरण्या,गोधना,सहित अन्य ग्रामो के स्थायी जल स्त्रोतों कुएं, डेम, तालाब में गम्बूसिया का संचयन किया गया ये मछली मच्छर के लार्वा खाती है जिससे मच्छर की संख्या कम होती है जब मच्छर नही होंगे तो मच्छर जनित रोगों के होने की संभावना नही होंगी ये मछली गंबूसिया मच्छरों के लार्वा को चट कर जाती है, मच्छरों का लार्वा पानी के ऊपर तैरता रहता है, इस मछली का मुंह ऊपर की तरफ होता है, जिससे ये लार्वा को खा जाती है. गंबूसिया मछली अंडे नहीं देती,ये 80-120 बच्चे देती हैं और 24 घंटे में अपने भार का 40 गुना लार्वा खा जाती हैं इससे पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान नही होता क्योंकि ये मच्छर से बचाव का जैविक उपचार है।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

[responsive-slider id=1466]