#भारत … हिट एंड रन कानून और हड़ताल जगह जगह जाम,मचा सड़कों पर कोहराम।।।।हिटलरशाही फिरकापरस्ती खिलाफ आवाज बुलंद होने दो पर खूद मत परेशानी का कारण बनो परमोद कुमार त्रिवेदी एडवोकेट
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।।। विपक्षी दलों को शायद यह सौभाग्य अनजाने में मिला कि उन्हें सदन से निलंबित किया गया और वे बाहर थे तो सदन में तीन कानून पास हुए उसमें हिट एंड रन कानून भी सम्मिलित हैं। कानून पास हुआ जानकारी लगने साथ जो अनपढ़,कम पढ़े-लिखे, कानून की बड़ी-बड़ी बातें ना करनें वाले लाखों वाहन चालकों ने सड़कों पर उतर कर बता दिया कि लड़ाई किसे कहते हैं एकता क्या होती है, और आंदोलन कैसे किया जाता है, सवाल उनके लिए बनें नये कानून से है वे बस यह जानते हैं दस साल कैद,7लाख का जुर्माना वे बस यह जानते वे बस यह जानते कि एक तरफ कुआं दुसरी तरफ खाई,,,मन से ऐक्सिडेंट करने वाले को संरक्षण प्रदान किया गया इस कानून में हत्या इस तरीके से भी होती है साबित भी हुआ,अपराधिक मामले भी बने अभी साल भर पहले जामगोद जिला देवास के आसपास सुमरीखेडा गांव के व्यक्ति की हत्या टैक्टर से ऐसे ही कई , पुलिस ने तहकीकात कर पकड़ा महिनों बाद,,,,तो सवाल क्या हर ऐक्सिडेंट ऐसा ही माना जाएगा,,, क्या लापरवाही जिस गाड़ी चलाने वाले की ही मानी जायेगी आदि सवाल उन्होंने उठाऐ। सबसे अहम् उन्होंने राजनीतिक दलों को बता दिया सरकार से कैसे लड़ा जा सकता है, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को देखना चाहिए ईवीएम पर लड़ाई ऐसे लड़ी जानी चाहिए,सदन से निलंबित किये जाने पर या अन्य मामलों पर ऐसे लड़ो, अच्छे-अच्छे समझदार बहसबाजी करते हैं और ये मैदान पकड़ते हैं पूरी गोदी मीडिया लगा दे सरकार अब दाग अच्छे हैं कहने समझने वाले ये नहीं,ये वो लोग हैं जो स्वयं का हित अहित समझ आगे बढ़े, पूरा देश हलकान हो गया अभी, जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया, कानून व्यवस्था बनाए रखने में सरकार लगी,,, सरकारी दल के हाथ पांव फूल गए,2024की शुरूआत कल से ऐसे हुई, पैट्रोल पंप पर भीड़भाड़, रास्ते जाम होने पर परेशानी,कल सामानों का संकट, कालाबाजारी शुरू मतलब सरकार को यह लोग सड़कों पर ले आये,, अगर इनके परिवार भी उतर गये तो, समझना चाहिए कि मैदानी लड़ाई किसे कहते हैं इसे कहते हैं, हिटलरशाही फिरकापरस्ती आदि खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले देखें,, लड़ाई ऐसे अनपढ़ कम पढ़े-लिखे लोग सीधे सीधे साफ-साफ तरीके से बात रख लड़ते हैं। पर ईवीएम मशीन भरोसे पर अगर सरकारी दल है,तो फिर कुछ नहीं होगा, किसान आंदोलन व अन्य आंदोलन हुए, जीएसटी खिलाफ गुजरात में 6महिने तक सूरत में आंदोलन हुए, मप्र में सरकार खिलाफ आक्रोश था पर सरकार फिर ईवीएम मशीन से आ चली, कांग्रेस या अन्य दलों को शायद यह आंदोलन बता रहा लड़ो तो ऐसे लड़ो।।।। शाबाशी बनतीं है पर गुजारिश भी ऐम्बुलेंस, जरुरत वाले परेशान ना हों आंदोलन हिंसक ना हो आमजनों को परेशान मत करो,,, हिटलरशाही फिरकापरस्ती खिलाफ आवाज बुलंद होने दो पर खूद मत परेशानी कारण बनो।।।।। प्रमोद कुमार द्विवेदी एड्वोकेट
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