यह आवश्यक है कि ऐसे बयानों पर कड़ी नजर रखी जाए और उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।मैं .यति नरसिंहानंद द्वारा दिए गए भड़काऊ बयानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करता हूँ…प्रेस रिपोर्टर मोहम्मद आज़म खान. – किस्मत न्यूज

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यह आवश्यक है कि ऐसे बयानों पर कड़ी नजर रखी जाए और उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।मैं .यति नरसिंहानंद द्वारा दिए गए भड़काऊ बयानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करता हूँ…प्रेस रिपोर्टर मोहम्मद आज़म खान.

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**प्रस्तावना:**

माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करते हुए, मैं .यति नरसिंहानंद द्वारा दिए गए भड़काऊ बयानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करता हूँयह आवश्यक है कि ऐसे बयानों पर कड़ी नजर रखी जाए और उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।। उनके बयानों ने न केवल सामाजिक सौहार्द को खतरे में डाला है, बल्कि यह भारतीय संविधान की मूल भावना का भी उल्लंघन करते हैं। यह आवश्यक है कि ऐसे बयानों पर कड़ी नजर रखी जाए और उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

 

**बयान 1: हरिद्वार धर्म सभा (दिसंबर 2021)**

यति नरसिंहानंद ने एक धर्म सभा में सार्वजनिक रूप से कहा, “हिंदू समुदाय को हथियार उठाने की जरूरत है। हमें अपने अस्तित्व की रक्षा करनी है।” यह बयान स्पष्ट रूप से समाज में भय और हिंसा को बढ़ावा देता है, जो कि **भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153A** के अंतर्गत आता है, जो साम्प्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का कार्य है

 

**बयान 2: दिल्ली महापंचायत (अप्रैल 2022)**

उन्होंने महापंचायत में दावा किया, “अगर मुसलमानों को सत्ता में आने दिया गया, तो 50% हिंदू धर्मांतरित होंगे और 40% की हत्या की जाएगी।” यह भड़काऊ भाषण न केवल मुस्लिम समुदाय के प्रति घृणा को बढ़ाता है, बल्कि यह **IPC की धारा 295A** के तहत जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का कार्य है

 

**बयान 3: गाज़ियाबाद कार्यक्रम (सितंबर 2024)**

हाल ही में, 29 सितंबर 2024 को गाज़ियाबाद में एक कार्यक्रम में, नरसिंहानंद ने हजरत मुहम्मद ﷺ के खिलाफ अपमानजनक बयान दिए। इस बयान ने न केवल मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत किया, बल्कि यह **IPC की धारा 505** के तहत भड़काऊ भाषण देने का स्पष्ट उदाहरण है। इसके परिणामस्वरूप, पुलिस ने उनके खिलाफ FIR दर्ज की है, जो उनके बयानों की गंभीरता को दर्शाता है

 

**सख्त धाराओं का प्रस्ताव:**

इन भड़काऊ बयानों के मद्देनजर, माननीय न्यायालय से अनुरोध है कि यति नरसिंहानंद पर निम्नलिखित धाराएं लगाई जाएँ:

1. **IPC की धारा 153A**: साम्प्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के लिए।

2. **IPC की धारा 295A**: जानबूझकर किसी धर्म का अपमान करने के लिए।

3. **IPC की धारा 505**: भड़काऊ बयान देने के लिए।

4. **IPC की धारा 124A**: देशद्रोह के लिए (यदि यह आरोप साबित होता है)।

 

**निष्कर्ष:**

यति नरसिंहानंद के बयानों की गंभीरता को देखते हुए, यह आवश्यक है कि न्यायालय इस मामले में सख्त कार्रवाई करे। ऐसे भड़काऊ बयानों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है, और इसे समाप्त करने के लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। इस प्रकार के बयान न केवल समाज में तनाव बढ़ाते हैं, बल्कि यह संविधान के मूल सिद्धांतों का भी उल्लंघन करते हैं।

 

मैं माननीय न्यायालय से निवेदन करता हूँ कि इस मामले में उचित निर्णय लें और यति नरसिंहानंद को उनकी गतिविधियों के लिए सजा दी जाए।सूत्रों से 

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