देने के लिये “दान”,लेने के लिये “ज्ञान” और त्यागने के लिए “अभिमान” सर्वश्रेष्ठ है। देवता पुरुषार्थी से प्रेम करते है,आलसी से नहीं…Regards:- Iqbal Khan Gauri
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” सकारात्मक चिंतन “😞😞😞😞😞 आत्म अवलोकनार्थ।
सम्मानीय आत्मजन, शुभ दिवस। “पुरुषार्थ का हर्षनाद”
+++++++++++++ दुनिया का हर शौंक पाला नही जाता;
कांच के खिलौनों को उछाला नही जाता; मेहनत करने से मुश्किले
हो जाती है आसान;
क्योंकि हर काम तक़दीर
पर टाला नही जाता।
भाग्य उन्ही पर मेहरबान होता है, जो
बाँहें चढाकर अपने कंधो को कष्ट देने
को तैयार रहते है।
परिश्रम सौभाग्य की
जननी है।
देने के लिये “दान”,लेने के लिये “ज्ञान” और
त्यागने के लिए “अभिमान” सर्वश्रेष्ठ है।
देवता पुरुषार्थी से प्रेम करते है,आलसी से नहीं।
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Regards:- Iqbal Khan Gauri, Retired District Judge M.P.
Now:Law adviser and Human duties Activist,Ujjain.
🙏🙏❤️❤️🫂🫂🤝🤝🌹🌹🌹🌹🌹🌹
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