शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रीतमनगर  में राष्ट्रीय युवा दिवस पर हुआ योगाभ्यास  रिपोर्ट मनोहर मालवीय  – किस्मत न्यूज

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शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रीतमनगर  में राष्ट्रीय युवा दिवस पर हुआ योगाभ्यास  रिपोर्ट मनोहर मालवीय 

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प्रीतमनगर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रीतम नगर मेंस्वामी विवेकानन्द जी के जन्मदिवस “युवा दिवस” के उपलक्ष्य में सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया।

 कार्यक्रम की शुरुआत प्रभारी प्राचार्य प्रशांत कुमार परासिया ने माँ सरस्वती और स्वामी विवेकानंदजी के चित्र पर माल्यार्पण कर की |

 स्काउट एवं गाइड प्रभारी योगिता गौड़ ने उपस्थित समस्त छात्रों और जनप्रतिनिधियों को सूर्य नमस्कार के 12 चरणों का अभ्यास करवाया | स्काउट एवं गाइड प्रभारी गौड़ ने सामूहिक सूर्य नमस्कार के बारे में बताते हुए कहा की सूर्य नमस्कार सात आसनों की एक योगीका है। सूर्य नमस्कार करने से शरीर को स्थिरता प्राप्त होती है तथा सुख व आनन्द का अनुभव प्राप्त होता है। योगासनों के समान ही सूर्य नमस्कार निरामय एवं दीर्घायु प्रदान करता है। सूर्य नमस्कार के साथ प्राणयाम को संयुक्त करने से यह एक उत्तम योग क्रिया सिद्ध होती है। साथ ही मन्त्रों के उच्चारण का विधान होने से शारीरिक के साथ-साथ मानसिक शक्तियों में भी वृद्धि होती है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन रहता है,सामाजिक जीवन में अच्छे कार्य करने के लिए तन और मन का स्वस्थ होना जरूरी है।उन्होने कहा कि भारत के ऋषियों-मुनियों ने अपने वर्षों के संचित ज्ञान से योग का सबसे सरल व्यायाम “सूर्य नमस्कार” का आविष्कार कर हमें सौंपा गया हैं ।

सूर्य नमस्कार समस्त योगासनों में सर्वश्रेष्ठ योगासन हैं,सूर्य नमस्कार योगासन प्रतिदिन करने से यह सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुंचाता हैं | यह प्रत्येक आयु वर्ग का व्यक्ति कर सकता हैं | सूर्य नमस्कार के बारह चरणों में बारह मन्त्रों का उच्चारण किया जाता हैं और प्रत्येक मन्त्र में सूर्य को अलग अलग नामों से उच्चारित किया जाता हैं और प्रत्येक मन्त्र का अर्थ होता हैं “सूर्य को मेरा नमस्कार |”

 प्रशांत परासिया ने संबोधित करते हुए कहा की सूर्य नमस्कार का अर्थ है भगवान सूर्य की वन्दना करना। यह अत्यन्त प्राचीन व्यायाम पद्धति है। इसमें सुबह-सुबह पूर्व दिशा में खड़े होकर शान्त चित्त से भगवान सूर्य नारायण की स्तुति करते-करते सूर्य नमस्कार किया जाता है। सूर्य नमस्कार की कई अवस्थाएँ हैं। वास्तव में ये विभिन्न प्रकार के आसनों का सम्मिलित रूप ही सूर्य नमस्कार कहलाता है। 

गतिविधि प्रभारी ऋतेश पंवार ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा की सूर्य नमस्कार को नियमित करने से विद्यार्थियों की स्मरण शक्ति बढ़ती है । सूर्य नमस्कार शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक व आत्मिक बल बढ़ाता है। प्रतिदिन आराधना के भाव से सूर्य नमस्कार करने से अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। जीवन दीर्घायु होता है, बुढ़ापा नहीं सताता है, शरीर स्वस्थ रहता है, स्नायु, पाचन, रक्त, श्वसन आदि सारे तन्त्र सही प्रकार से कार्य करते हैं, ग्रन्थियों में शक्ति का संचार, प्राणों को सशक्त बनाता है, मन एकाग्रचित होता है, आत्म-विश्वास बढ़ता है, आस्तिक भावना बढ़ती है, नेत्र ज्योति बढ़ती है, अनावश्यक जमा चर्बी कम होने से मोटापा कम होता है।

 इस अवसर पर संस्था के विजय यादव, ऋतेश पंवार, योगिता गौड़, नाहर सिंह डोडवे, दुर्गा राठौर, अनूप मालवीय, कैलाश जादव सहित समस्त शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे | कार्यक्रम का आभार आयुष विभाग के राकेश डामर ने माना |

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