*आपत्तिजनक पोस्ट मामले में नौ साल बाद आया फैसला, पत्रकार फरहान गौरी बरी*  – किस्मत न्यूज

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*आपत्तिजनक पोस्ट मामले में नौ साल बाद आया फैसला, पत्रकार फरहान गौरी बरी* 

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उज्जैन। उज्जैन पुलिस पीआरओ ग्रुप में रावण की जगह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आपत्तिजनक पोस्ट के तथाकथित मामले में माननीय सृष्टि पटेल जी की जेएमएफसी कोर्ट ने आरोपी फरहान गौरी को बरी कर दिया है। यह मामला 2016 का बताया जा रहा है जिसमें आरोपी की ओर से पैरवी सीनियर एडवोकेट उमेश शर्मा ने की है। 

 

*यह था मामला*

 

 पुलिस द्वारा पत्रकारों को जानकारी आदान-प्रदान के लिए पुलिस पीआरओ व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था। इस ग्रुप में पत्रकार फरहान गौरी ने 11 अक्टूबर  2016 को दशहरे के दिन रावण की जगह पीएम मोदी का मुखौटा लगा एक फोटो उक्त आपत्तिजनक पोस्ट की जानकारी देने की मंशा से पोस्ट किया था । व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन सूबेदार राकेश तिवारी की शिकायत पर उज्जैन माधवनगर पुलिस ने उल्टा फरहान गौरी के ही खिलाफ धारा 153 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था।

 

*फरियादी फरहान को ही बना दिया था आरोपी*

 

मामले में आरोपी रहे फरहान गोरी ने बताया कि 11 अक्टूबर 2016 को एक फेसबुक फ्रेंड जिसकी आईडी मेघ आर्य के नाम से थी उक्त आईडी पर उन्हें एक आपत्तिजनक पोस्ट दिखी जिस में रावण के मुंह की जगह पीएम मोदी का फोटो था, इस पोस्ट को कॉपी कर पुलिस को जानकारी देने के लिए उज्जैन पुलिस पीआरओ ग्रुप में आपके द्वारा इसे पोस्ट किया गया था और इसके बाद दूसरे दिन सुबह माधव नगर थाने पहुंचकर आपने फेसबुक पर मेघ आर्य की आपत्तिजनक पोस्ट का स्क्रीनशॉट और शिक़ायत संबंधी लिखित आवेदन भी दिया था जिसकी एक रिसिविंग कॉपी सील-साइन के साथ उन्हें प्राप्त हुई थी।पुलिस ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था लेकिन उसके अगले ही दिन पुलिस ने मेघ आर्य की जगह उल्टा फरहान के ऊपर ही कार्रवाई कर दी। फरहान ने बताया कि उन्होने पार्टी की सदस्यता ली हुई है पीएम मोदी उनके लिए बेहद सम्मानीय हैं ऐसे में वह खुद ही प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट तो दूर कुछ बोलने का भी सोच नही सकते।

 

*नहीं हुई मेघ आर्य की फेसबुक आईडी पर कार्यवाही*

 

फरहान के वकील सीनियर एडवोकेट उमेश शर्मा का कहना है कि यह एक सेंसिटिव मामला था। इसमें मेरे क्लाइंट ने समझदारी से काम लेते हुए माधवनगर पुलिस को आपत्तिजनक पोस्ट के स्क्रीनशॉट के साथ लिखित शिकायती आवेदन दिया। लेकिन आज दिनाँक तक माधवनगर पुलिस ना तो यह पता लगा पाई है कि फेसबुक आईडी किसकी है, इसे कौन चला रहा है और यह पोस्ट किसने की है ? पुलिस को मामले की जांच करना चाहिए। 

 

*कठिन दौर से गुज़रे फरहान लेकिन हार नहीं मानी*

 

गलत तरीके से मामले आरोपी बनाकर फंसाए गये पत्रकार फरहान गोरी इस पूरे मामले के कारण बुरे दौर से गुज़रे। गलत तरीके से मामले में आरोपी बनाकर फंसाए जाने के से फरहान का निजी और सामाजिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ साथ ही आपके प्रोफेशनल जीवन पर भी इस घटना का नकारात्मक प्रभाव पड़ा। पूरे घटनाक्रम से फरहान बुरी तरह टूट गए लेकिन फिर भी आपने हार नहीं मानी और न्याय के लिए लड़ते रहे। नौ साल के लंबे इंतजार के बाद मामले में आए फैसले में फरहान निर्दोष साबित हुए और राहत की सांस ली।

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