झूठे आपराधिक प्रकरण के संबंध में न्याय दिलाने हेतु विनम्र अनुरोध। समस्त जानकारी नौशाद खान मध्य प्रदेश अध्यक्ष राष्टीय पसमांदा मुस्लिम महा संघ ने दी
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दिनांक: 28/05/2025
प्रेषक:
मोहम्मद यूनुस
जिला अध्यक्ष, पसमांदा मुस्लिम महासंघ
जिला इंदौर, मध्यप्रदेश
प्रति,
माननीय प्रधानमंत्री महोदय,
भारत सरकार,
नई दिल्ली।
विषय: झूठे आपराधिक प्रकरण के संबंध में न्याय दिलाने हेतु विनम्र अनुरोध।
माननीय प्रधानमंत्री जी,
आपके कुशल नेतृत्व, दूरदर्शिता और राष्ट्रहित में किए गए अभूतपूर्व कार्यों के लिए पसमांदा मुस्लिम महासंघ, जिला इंदौर, मध्यप्रदेश की ओर से आपको सलाम पेश करता हूँ। हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की ऐतिहासिक सफलता ने सम्पूर्ण देशवासियों के हृदय में सुरक्षा, न्याय और आत्मबल का नया संचार किया है। यह मिशन न केवल आतंकवाद के विरुद्ध एक कड़ा संदेश है, बल्कि यह आपकी मज़बूत, निर्णायक और न्यायप्रिय शासन व्यवस्था का जीवंत उदाहरण भी है। हम आपको और आपकी संपूर्ण टीम को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हैं।
महोदय, इसी दौरान मेरे साथ एक अत्यंत दुःखद और अन्यायपूर्ण घटना घटित हुई, जिससे मेरी प्रतिष्ठा, आत्मसम्मान और विश्वास को गहरी ठेस पहुँची है। मैं इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।
दिनांक 27.05.2025 को शाम लगभग 6:00 बजे, मेरी ट्रांसपोर्ट कंपनी का एक ड्राइवर कादिर खान जेल रोड, इंदौर स्थित एक दुकान पर माल की डिलीवरी देने गया था। वहाँ व्यापारी ललित कोडवानी (मोबाइल: +91 72240-71866), जो स्वयं को एक हिन्दूवादी संगठन का उच्च पदाधिकारी बताता है और क्षेत्र में विवादास्पद प्रवृत्ति के लिए कुख्यात है, ने पहले ड्राइवर से उसका नाम पूछा और जैसे ही उसे ज्ञात हुआ कि वह मुस्लिम है, उसने उसे गाली-गलौच कर वहां से भगा दिया और धमकी दी कि यदि वह दोबारा वहां आया तो उसे जान से मार दिया जाएगा तथा उसका रिक्शा जला दिया जाएगा।
डरा-सहमा ड्राइवर मुझे फोन कर घटना की जानकारी दी। मैंने स्वयं ललित कोडवानी को फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद, मैंने अपने स्टाफ को भेजकर माल खाली करवाने की व्यवस्था की। इस बीच, ललित कोडवानी पुनः वहां आया और खुलेआम मुझे और मेरे स्टाफ को धमकी दी कि वह “अब दिखाएगा कि वह क्या है”, और तत्पश्चात किसी को कॉल कर वहां से चला गया।
इस भयावह घटना के तुरंत बाद मैं एम.जी. रोड थाने पहुँचा और थाना प्रभारी विजय सिंह सिसोदिया को पूरे मामले की जानकारी दी। किंतु, अत्यंत दुर्भाग्यवश, थाना प्रभारी ने मेरे साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया। मेरे नाम और पहचान जानने के बावजूद मुझे थाने में अपमानित किया गया, लॉकअप के सामने बैठाया गया, और मेरी बातों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। जबकि ललित कोडवानी को पूरा सम्मान देते हुए, उनकी बातों के आधार पर मेरे ऊपर झूठा आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया।
थाना प्रभारी जी ने मुझ से बार बार पूछा मुस्लिम लोग कितने थे मेने कहा कि सहाब मेरे यहां 99%लोग हम्माल से मुनीम तक सभी हिन्दू है और में सभी धर्मों का सम्मान करता हु फिर भी मेरी एक नहीं सुनी गई और जो ड्राइवर कादिर खान जो गाड़ी खाली कर घर चला गया था उसको फोन कर थाने बुलवाया गया और उस पर भी प्रधानतमक कार्यवाही की गई चुकी वो एक मुस्लिम था थाना थाना प्रभारी के आदेश अनुसार विवेचना करने वाले अधिकारी ने मेरे और मेरे स्टाफ के कोरे काग़ज़ पर दस्तखत लिए और अगले दिन acp साहब के ऑफिस प्रस्तुत होने को कहा गया
यह अत्यंत पीड़ाजनक है कि बिना किसी जांच के, मेरी बात सुने बिना, मुझे झूठे मामले में फँसाया गया। इतना ही नहीं, मेरे ड्राइवर कादिर खान के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया। घटना के समय थाना परिसर में मौजूद CCTV फुटेज इसकी सच्चाई सिद्ध कर सकते हैं कि मैंने कोई भी अनुचित कार्य नहीं किया।
महोदय आज तक मेरे ऊपर संपूर्ण भारत के किसी भी थाने में कोई भी प्रकरण दर्ज नहीं है ना ही कोई मामला न्यायालय में विचाराधिन है ये मेरी प्रथम रिपोर्ट दर्ज की जो झूठी और बे बुनियाद है
माननीय प्रधानमंत्री जी, और आप सभी न्याय प्रिय अधिकारियो को मैं यह बताना चाहता हूँ कि मैं न केवल पसमांदा मुस्लिम महासंघ, जिला इंदौर का अध्यक्ष हूँ, बल्कि मेरी मुस्लिम पिंडारा समाज का प्रदेश प्रभारी भी हूँ। साथ ही, मैं विगत कई वर्षों से भारतीय जनता पार्टी एवं सर्वधर्म सामाजिक संगठनों से सक्रिय रूप से जुड़ा हूँ। “सबका साथ, सबका विकास” के मूलमंत्र को जन-जन तक पहुँचाने में मैंने अपना तन-मन-धन समर्पित किया है। लेकिन इस घटना ने न केवल मेरे व्यक्तिगत आत्मसम्मान को ठेस पहुँचाई है, बल्कि मेरे वर्षों की सेवा, समर्पण और भरोसे को भी चोट पहुंचाई है।
यदि देश में केवल नाम, धर्म या पहचान के आधार पर किसी को झूठे मामलों में फँसाया जाएगा, तो यह हमारे संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत होगा। हमारा स्पष्ट मानना है कि कानून और न्याय सबके लिए एक समान होना चाहिए — चाहे वह किसी भी मज़हब या समुदाय से संबंधित हो।
अतः मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि:
1. इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।
2. मेरे विरुद्ध दर्ज किए गए झूठे मुकदमे को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
3. दोषी व्यक्ति ललित कोडवानी और उसके साथियों पर सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए।
4. थाना प्रभारी विजय सिंह सिसोदिया द्वारा की गई पक्षपाती एवं अनुचित कार्रवाई पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
5. CCTV फुटेज एवं अन्य सबूतों की समीक्षा कर सच्चाई को उजागर किया जाए।
हमें पूर्ण विश्वास है कि आपकी न्यायप्रियता, संवेदनशीलता और मजबूत नेतृत्व में मुझे न्याय अवश्य मिलेगा, और देशवासियों के समक्ष यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि भारत में हर नागरिक समान अधिकार और सम्मान के साथ जी सकता है।
आपसे न्याय की पूर्ण आशा एवं विश्वास के साथ,
सादर,
भवदीय,
(मोहम्मद यूनुस)
जिला अध्यक्ष, पसमांदा मुस्लिम महासंघ,
जिला इंदौर, मध्यप्रदेश।
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प्रतिलिपि प्रेषित:
1. माननीय गृहमंत्री, भारत सरकार
2. माननीय मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश
3. संगठन प्रभारी, भाजपा मध्यप्रदेश
4. प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा मध्यप्रदेश
5. प्रदेश अध्यक्ष, #पसमांदा मुस्लिम महासंघ, मध्यप्रदेश
6. पुलिस महानिदेशक, #भोपाल, मध्यप्रदेश
7. पुलिस आयुक्त, इंदौर, @मध्यप्रदेश
8. #पुलिसउपायुक्त जोन 3 इंदौर
9. #मानव #अधिकार #आयोग इंदौर
10. सहर #काजी सहाब इंदौर
11. #संसद महोदय इंदौर
12. #कलेक्टर महोदय #इंदौर
13. #समाचारपत्र एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया
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