स्वस्थ,सुखद व सुरक्षित जीवन की प्रार्थना के साथ शुभ दिवस। ‘सकारात्मक इतिहास बोध’
|
😊 Please Share This News 😊
|
“सकारात्मक चिंतन “
🙂🙂🙂🙂🙂
आत्म अवलोकनार्थ।
सम्मानीय आत्मजन,
स्वस्थ,सुखद व सुरक्षित जीवन की प्रार्थना के साथ शुभ दिवस।
‘सकारात्मक इतिहास बोध’
+++++++++++++
जो आज है,कल बन जाने पर अतीत है,और आने वाला कल अर्थात भविष्य ही वर्तमान बन जाता है,और मनुष्य सभ्यता व संस्कृति के विकास व उन्नयन की समस्त क्रियाऐ वर्तमान में ही अतीत के अनुभव के आधार पर संपादित होकर स्वर्णिम भविष्य का निर्माण करतीं हैं। स्वर्णिम भविष्य ही अंततः स्वर्णिम इतिहास का प्रणयन करता है।
व्यक्तिगत,पारिवारिक व सामाजिक स्तर पर स्वर्णिम भविष्य के निर्माण के लिए इतिहास के नकारात्मक व प्रतिशोधात्मक प्रयोग के स्थान पर सकारात्मक
व शोधात्मक प्रयोग की आवश्यकता होती है। सामान्यतःइसके दो कारण प्रतीत होते है,प्रथम,अतीत की घटनाओं का परिप्रेक्ष्य अतीत होने से अतीत की घटनाओं के लिए वर्तमान उत्तरदायी नहीं होता है।द्वितीय, इतिहास का प्रतिशोध के लिए प्रयोग होने पर इतिहास की
नकारात्मक पुनरावृत्ति
मनुष्य सभ्यता व संस्कृति के विकास व उन्नयन के मार्ग को अवरुद्ध कर भावी संततियो के स्वर्णिम भविष्य का निर्माण न होकर उनके लिए अपूर्णीय क्षति ही कारित होती है।
वास्तव में, प्रतिशोध की भावना से दुष्प्रभावित होकर अतीत की घटनाओं को बदलने के स्थान पर सकारात्मक सृजनात्मकता की भावना से अनुप्राणित होकर नवीन इतिहास का निर्माण ही स्वर्णिम भविष्य का निर्माण कर मनुष्य जाति की सार्थक लौकिक व पारलौकिक सफलता के मार्ग को प्रशस्त किया जा सकता है।
प्रताप “भारती “
💐💐💐💐💐
Regards:Iqbal Khan Gauri,
Retired District Judge,M.P.
Now:Law adviser and Human duties Activist,
Ujjain,M.P.
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |

