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जल संसाधन विभाग से आई बडी खबर जल मंत्री का बडा दौरा और बडा बयान जरूर पढ़े

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केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने एशिया के सबसे बड़े ओखला स्थित 564 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण की प्रगति का निरीक्षण किया

श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने दिल्ली में सभी एसटीपी परियोजनाओं को दिसंबर, 2022 तक पूरा करने के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया

यमुना संरक्षण के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत 1268 एमएलडी सीवेज की सफाई के लिए 2009 करोड़ रुपये की 11 परियोजनाएं शुरू की गई हैं

दिसंबर, 2022 के बाद दिल्ली की यमुना नदी में निश्चित रूप से जल की गुणवत्ता में सुधार महसूस होगाः श्री शेखावत

Posted Date:- Apr 06, 2022

  केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने 564 एमएलडी क्षमता के ओखला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। यमुना कार्य योजना-III के अंतर्गत इस ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा धन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री सबसे पहले आईटीओ स्थित छठ घाट गए और वहां से नाव से 12 किलोमीटर दूर ओखला वोट क्लब पहुंचे। फिर श्री शेखावत सड़क मार्ग से ओखला एसटीपी स्थल पहुंचे। गंगा की सफाई के लिए राष्ट्रीय मिशन के महानिदेशक श्री जी. अशोक कुमार भी निरीक्षण के दौरान उपस्थित थे। लागत साझा करने की व्यवस्था के अनुसार 85 प्रतिशत लागत का वहन नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत केन्द्र सरकार को और 15 प्रतिशत लागत वहन राज्य सरकार को करना है। ओखला एसटीपी परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 665.78 करोड़ रुपये है।

श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि दिल्ली में स्थिति पर विचार करते हुए और दिसंबर, 2022 की समय सीमा को ध्यान में रखते हुए एसटीपी कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि दिसंबर, 2022 के बाद दिल्ली की यमुना नदी में निश्चित रूप से जल की गुणवत्ता में सुधार महसूस किया जाएगा। ओखला एसटीपी एशिया में सबसे बड़ा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट है। 564 एमएलडी के इस प्लांट के निर्माण के बाद यमुना नदी के जल की गुणवत्ता में काफी सुधार होगा। यह एकीकृत परियोजना है इसलिए इसके कार्य के दायरे में गाद प्रबंधन को भी शामिल किया गया है। इसके अनुसार पर्यावरण संबंधी विषयों को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक तरीके से गाद का उचित

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