मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा (मध्य प्रदेश) का शुभारम्भ हो गया है जल्द ही नये जिलों मे भी ये सेवा शुरू हो रही है. किस्मत न्यूज़ संपादक सय्यद आशिक अलि की विशेष ख़बर
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मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा (मध्य प्रदेश) की मुख्य बातें:योजना का उद्देश्य: मध्य प्रदेश में करीब 21 साल बाद सरकारी स्तर पर सार्वजनिक बस सेवा की वापसी की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता, ग्रामीणों, मजदूरों और किसानों को सस्ती, सुरक्षित, आधुनिक और समय पर सुलभ होने वाली परिवहन सुविधा देना है। इसके जरिए यात्रियों को मनमाने किराए और अनिश्चित समय-सारणी से राहत मिलेगी
शुरुआती चरण और बसें: योजना के पहले चरण की शुरुआत भोपाल के भेल दशहरा मैदान से 351 बसों को हरी झंडी दिखाकर की गई। इन शुरुआती बसों में 180 इलेक्ट्रिक बसें (Green Mobility) शामिल हैं
शामिल शहर: शुरुआत में प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों को इससे जोड़ा गया है— भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, भिंड और कटनी। इन शहरों में इंटरसिटी (शहरों के बीच) और इंट्रासिटी (शहर के भीतर) बसें चलाई जा रही हैं।
ग्रामीण और पड़ोसी राज्यों से कनेक्टिविटी: इस योजना के तहत शहरों के साथ-साथ गांवों को भी जोड़ा जाएगा, जिसमें 75% ग्राम पंचायतों तक बस सेवा पहुंचाने का विजन है। इसके अलावा आने वाले समय में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों के प्रमुख शहरों तक भी ये बसें चलाई जाएंगी।
आधुनिक सुविधाएं: इन बसों में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए CCTV कैमरे, GPS ट्रैकिंग, पैनिक बटन और डिजिटल टिकटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है
संचालन व्यवस्था: इस पूरी व्यवस्था को सेंट्रलाइज्ड मॉनीटरिंग से जोड़ा गया है। इसके सुचारू संचालन के लिए 7 शहरों की सिटी बस कंपनियों के शेयर होल्डिंग में बदलाव कर 7 नई सहायक कंपनियां गठित की गई हैं, जिनकी राज्यस्तरीय पैरेंट कंपनी के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे।
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