प्रजातांत्रिक शासन व्यवस्था मे राजनीतिक कार्यपालिका की अराजकता की अपेक्षा संवैधानिक संस्थाओं विशेषकर न्यायपालिका व चुनाव आयोग का अपने कर्त्तव्य पालन में किसी भी प्रभाव व पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर निष्क्रिय व संवेदनशून्य होना अधिक घातक होता है। न्याय ” भारती “Rigards सय्यद आशिक अली
|
😊 Please Share This News 😊
|

