जीसीएफ में आयु निर्माणी दिवस पर रहा उत्सव का माहौल* *निर्माणियों को बचाने की ली शपथ* *तालिब हुसैन*
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” देश की पहली आयुध् निर्माणी काशीपुर कोलकाता में 18 मार्च सन 1802 में उत्पादन शुरू हुआ था, तभी से शुरू हुई आयुध् निर्माणी दिवस मनाने की परम्परा आज भी जारी है.”
- जबलपुर. देश भर की आयुध् निर्माणियों में आयुध् निर्माणी दिवस पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए. आयुध् निर्माण के लिहाज़ से अति महत्वपूर्ण जबलपुर में भी फैक्ट्रीज़ में उत्सव का वातावरण देखा गया. गन केरिज फैक्टरी जीसीएफ में निर्माणी दिवस समारोहपूर्वक तो मनाया गया लेकिन कर्मचारियों में इस बात को लेकर रौष रहा कि केन्द्र सरकार निर्माणियों को निगम में विभाजित कर उनका महत्व कम कर रही है. बताते चलें कि आज़ादी से पहले 18 एवं आजादी के बाद 23 नए कारखानों की स्थापना की गयी, जहाँ सरकार के नियंत्रण में गोला बारूद व युद्ध के अन्य समान का निर्माण किया जाता है. आजादी के बाद हुए चार युद्ध में इन्हीं कारखाने से बने उत्पादकों के भरोसे भारत युद्ध लड़ा और दुनिया में अपनी धाक बनायी. मगर कारोनाकाल के बाद 1 अक्टूबर 2021 को अचानक इन कारखानों को 7 निगम में विभाजित कर दिया गया. तभी से कर्मचारी संगठनों में काफी नाराजगी है.आआईडीईएफ, बीपीएमएस
- और सीडीआरए जैसे संगठनों ने 18 मार्च को गर्व के साथ आयुध् निर्माणी दिवस मनाया. इसी श्रंखला में जीसीएफ के तीनों द्वार पर कर्मचारियों में सुबह से स्थापना दिवस के प्रतीक चिन्ह का बैच लगाकर एक दूसरे को बधाई दी. दोपहर में निर्माणीयों के गौरव गाथा की चर्चा की और इन्हें बचाने के लिए शपथ ली गयी. कार्यक्रम में मजदूर संघ हथौड़ा के रोहित यादव, विनय गुप्ता, उत्तम विश्वास, अमित चंदेल, बीरबल पार्थ, ओझा, राहुल गुप्ता, देवेंद्र राजेश आशीष, रितेश कृष्णा, अमरेश सैकत के साथ ही राकेश रजक, लक्ष्मी पटेल, मनोज धर्मांजन, अजय रजक, असाटी जी, मनीष चौरसिया, आशीष सहाय, संजय शाह आदि पदाधिकारी ने आयुध् निर्माणियों के इतिहास व उनकी गौरव गाथा पर प्रकाश डाला.
- इस मौके पर दीप विश्वकर्मा, विवेक शुक्ला, विजय चौहान, रविकांत श्याम जी, सागर कनोजिया, रूपेश वीरेन्द्र पटेल, सुनु पापाचन, जितेंद्र मेहर सहित सभी मजबूर संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
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