सलाहुद्दीन अय्यूबी: वो सुल्तान जिसके पास मौत के बाद कुछ नहीं बचा 💐 सल्तनत मिली, मगर दिल ग़रीबों के साथ रहा 🕌 – किस्मत न्यूज

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सलाहुद्दीन अय्यूबी: वो सुल्तान जिसके पास मौत के बाद कुछ नहीं बचा 💐 सल्तनत मिली, मगर दिल ग़रीबों के साथ रहा 🕌

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4 मार्च 1193 — दमिश्क की एक ख़ामोश रात… 🌙

इतिहास थम-सा गया था।

इस्लामी दुनिया का सबसे बड़ा योद्धा,

बैतुल मुक़द्दस का फ़ातेह,

सुल्तान सलाहुद्दीन अय्यूबी

ज़िंदगी की आख़िरी साँसें ले रहे थे। 🤍

 

बिस्तर के पास

क़ुरआन पाक की तिलावत हो रही थी,

लेकिन बीमारी इतनी बढ़ चुकी थी

कि जिस्म जवाब दे चुका था।

 

और उसी रात…

वो सुल्तान

जिससे दुश्मन भी इज़्ज़त करता था,

इस दुनिया से रुख़्सत हो गया। 💔

 

💔 जब मौत के बाद सुल्तान के पास कुछ नहीं निकला

 

जब उनके ख़ज़ाने का हिसाब लगाया गया तो

पूरी दुनिया हैरान रह गई 😢

👉 सिर्फ़ 1 सोने का सिक्का

👉 और 40 चाँदी के सिक्के

बस… यही थी

उस शख़्स की कुल दौलत

जिसने आधी दुनिया पर हुकूमत की थी।

 

क्योंकि

उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी

👉 ग़रीबों

👉 यतीमों

👉 और मज़लूम रियाया पर लुटा दी।

यहाँ तक कि

👉 अपने जनाज़े के ख़र्च के लिए भी

उनके पास कुछ नहीं बचा।

उनकी दफ़न-कफ़न

दोस्तों ने अपने पैसों से करवाई। 🤍

 

🕋 दमिश्क में सादगी की सबसे बड़ी मिसाल

 

📍 आज

सलाहुद्दीन अय्यूबी

सीरिया के दमिश्क में

उमय्यद मस्जिद के बाहर

एक बगीचे में बने मक़बरे में आराम फरमा रहे हैं।

यह मक़बरा

एक इल्मी कॉम्प्लेक्स का हिस्सा था,

जिसमें

🏫 मदरसा अल-अज़ीज़िया भी शामिल था।

वक़्त गुज़र गया…

मदरसा मिट गया…

लेकिन

👉 सलाहुद्दीन का किरदार

आज भी ज़िंदा है।

 

🏛️ दो क़ब्रें, एक पैग़ाम

 

उस्मानी ख़लीफ़ा

सुल्तान अब्दुल हमीद के दौर में

मौजूदा मजार की तामीर हुई।

🇩🇪 बाद में

जर्मनी के शहंशाह विल्हेम ने

एक संगमरमर का ताबूत दान किया।

लेकिन…

👉 असल लकड़ी वाला सादा ताबूत

आज भी वहीं मौजूद है।

ज़ायरीन

आज भी वहाँ दो क़ब्रें देखते हैं —

एक शानो-शौकत की

और एक सादगी की मिसाल।

 

🌟 सलाहुद्दीन अय्यूबी आज भी ज़िंदा क्यों हैं?

 

क्योंकि…

⚔️ ताक़त मिली — मगर घमंड नहीं किया

💰 दौलत मिली — मगर जमा नहीं की

👑 सल्तनत मिली — मगर ख़ुद को ख़ादिम समझा

👉 इसी वजह से

सलाहुद्दीन अय्यूबी

सिर्फ़ सुल्तान नहीं,

एक किरदार हैं।

 

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👉 आपके दिल को छू गई हो तो:

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💬 Comment में लिखें:

“ऐसे हुक्मरान आज क्यों नहीं?”

 

❓ क्या आज की दुनिया

ताक़तवर हुक्मरानों से ज़्यादा

अमनतदार और रहमदिल लीडरों

की मोहताज नहीं है?

इक़बाल उस्मानी….

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