किस्मत न्यूज़ बैतूल *अतिक्रमण रोकने गए वनकर्मी लाइन हाजिर, रेंजर बोले – “हम पर झूठे आरोप लगे”*   _अकरम पटेल की रिपोर्ट_   – किस्मत न्यूज

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किस्मत न्यूज़ बैतूल *अतिक्रमण रोकने गए वनकर्मी लाइन हाजिर, रेंजर बोले – “हम पर झूठे आरोप लगे”*   _अकरम पटेल की रिपोर्ट_  

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किस्मत न्यूज़ बैतूल।* बैतूल जिले के वन परिक्षेत्र गवासेन का मामला इन दिनों सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में सुर्खियों में है। अतिक्रमण रोकने के दौरान मारपीट के लगाए गए आरोपों के बाद वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने 3 कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर दिया है। इसी मामले की सच्चाई जानने आज कुछ पत्रकार बंधुओं ने वन परिक्षेत्र कार्यालय गवासेन का दौरा किया।

 

*रेंजर ने बताई पूरी घटना*  

कुरसना वन परिक्षेत्र कार्यालय में वन परिक्षेत्र अधिकारी *राकेश पवार* से पत्रकारों की मुलाकात हुई। रेंजर पवार ने बताया कि _बाला डोंगरी_ क्षेत्र में अतिक्रमण रोकने के लिए टीम भेजी गई थी। अतिक्रमण करने वालों को कुरसना ऑफिस बुलाकर समझाया गया, लेकिन वे लोग अतिक्रमण छोड़ने से मना करने लगे।

 

इसके बाद उनका मेडिकल कराकर उन्हें वापस गांव छोड़ दिया गया। रेंजर ने साफ कहा कि _“न उनके साथ कोई मारपीट की गई, न ही कोरे कागज पर साइन करवाए गए। उनके द्वारा लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। उनके शरीर पर जो निशान दिखाए जा रहे हैं, उन्हें भी खुद बनाया गया है। इसकी जांच होनी चाहिए।”_ इस दौरान उन्होंने कुछ फोटो और वीडियो भी पत्रकारों को दिए।

 

*बिना जांच लाइन हाजिर पर सवाल*  

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि उच्च अधिकारियों ने बिना जांच के तीन कर्मचारियों को लाइन हाजिर क्यों कर दिया?  

 

रेंजर, नायब रेंजर और वनरक्षक को लाइन अटैच करने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय लोगों और वनकर्मियों का कहना है कि अगर इसी तरह छोटा अधिकारी लाइन अटैच होगा तो फिर जंगलों की रक्षा कौन करेगा?

 

*सैकड़ों एकड़ वनभूमि पर अतिक्रमण*  

वर्तमान में वन परिक्षेत्र गवासेन में सैकड़ों एकड़ वन भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है। वन विभाग के छोटे अधिकारी अपनी जान जोखिम में डालकर जंगल बचाने का काम करते हैं। वनकर्मियों का कहना है कि अगर ऐसी घटनाएं होती रहीं तो पूरे क्षेत्र में अतिक्रमण बढ़ जाएगा।

 

फिलहाल पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।

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