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बारिश इतनी तेज और अधिक हुई कि 1 घंटे में नदी नाले उफान पर आ गए 👍🙏👍भगवान सहस्त्रबाहु पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री द्वारा अभद्र टिप्पणी करने के विरोध में कलार समाज द्वारा थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन

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*Rebellion Clerics*

दिल्ली में जामा मस्जिद, चावड़ी बाज़ार और फ़तहपूरी मस्जिद के बीच एक मोहल्ला है *बल्लीमारान*, आज शायद यहां रहने वालों को भी नहीं मालूम होगा कि इस जगह का नाम बल्लीमारान क्यों हैं?? 

अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ 1857 की आज़ादी की जंग में मदरसों के *मौलवियों* ने आगे बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया था, लेकिन उनकी तलवारें अंग्रेज़ों के जदीद हथियारों और तोपों के आगे कमज़ोर पढ़ गई थीं और *आख़री मुग़ल बादशाह बहादुरशाह ज़फ़र* की हार और गिरफ़्तारी के साथ ही वोह जंग ख़त्म हो गई थी.  

बहादुर शाह ज़फ़र की हार की असली वजह मिल्ट्री जनरलों का धोका देना भी था जो ऐन वक़्त पर बादशाह को अकेला छोड़कर जंग से भाग खड़े हुए थे. उस जंग में दो लाख से ज़्यादा लोग मारे गए थे जिनमें से 51200 सिर्फ़ उलेमा थे, अंग्रेज़ों ने सैंकड़ो उलेमाओं को तोपों के आगे बांधकर गोलों से उड़ा दिया था और तक़रीबन 500 उलेमाओं को लकड़ी की बल्लियों पर तारों से टाँग कर दर्दनाक फांसी देकर मारा था इसलिए उस जगह का नाम *बल्लीमारान* पड़ गया था, उन मौलवियों की लाशों को कई दिनों तक वहीं लटके हुए छोड़ दिया था ताकि आम लोगों के दिलों में दहशत बैठे और वोह आगे से अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ सिर न उठा सकें.

*Rebellion Clerics* या *बाग़ी मौलवी* नाम की किताब के सफ़ा नम्बर 49 (Page 49) पर अंग्रेज इतिहासकार लिखते हैं

/// *अपने मुल्क पर क़ाबिज़, बाहरी ताक़तों के ख़िलाफ़ जंग करना देशभक्ति कहलाती है, निस्संदेह वोह मौलवी अपने देश के वफ़ादार देशभक्त थे और उनकी आने वाली पीढ़ियां उन्हें नायकों के रूप में याद रखेंगी*///

 

अफ़सोस, अंग्रेज़ों ने तो याद रखा लेकिन हम आज अपने नायकों को ही भुला बैठे.

 

After 1857 revolt, the muslim clerics (Religious Scholar) who were a leading force of the revolt became the main target of British persecution.

 

More than 50,000 clerics were martyred.

A British General who fought against Muslims in revolt of 1857 wrote in his memoir, 

 

“If to fight for one`s country, plan & mastermind wars against occupying mighty powers are patriotism, the undoubtedly. Maulvis were the loyal patriots of their country & their succeeding generations will remember them as Heroes”.

*Rebellion Clerics – P47*

 

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