बड़ी खबर – Page 537 – किस्मत न्यूज

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पुलिस अधीक्षक उज्जैन श्री सचिन शर्मा द्वारा आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम,अपराधियो की धड़पकड़ के साथ साथ अधिकारी/कर्मचारियों को आम जनता का हर संभव सहयोग व मित्रतापूर्ण व्यवहार कर एवं जरूरतमंदो की हर सुख–दुख मे साथ देकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर पुलिस की आम जनता के बिच एक अच्छी छवि बनाने हेतु समय–समय पर समझाइश दी जाती है। इसी क्रम में आज दिनांक 22.04.23 को रेलवे स्टेशन के सामने होटल चंद्रगुप्त में पांचवें माले पर शार्ट सर्किट से लगी आग की सूचना सड़क चलते युवक द्वारा थाना देवास गेट पुलिस को दी गई। उक्त सूचना पर त्वरित कार्यवाही कर पुलिस मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम द्वारा पांचवें माले पर पहुंचकर समय पर आग पर काबू पाया और लगभग 70–75 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। किसी भी आगंतुक को जनहानि नही हुई बाद पुलिस द्वारा यात्रियों को दूसरी होटल में पहुंचाया गया। वही घटना के संबंध में जांच की जा रही है।

🚔उज्जैन पुलिस 🚔 🚨दिनांक 18.04.23 🚨   🟣 थाना चिमनगंज मंडी पुलिस ने किया अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश। 🟣...

Oमहात्मा ज्योतिबा फुले उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्य ओर जीवन को पढ़िए ताकि पता चले उन्होंने अपने जीवन में कितना संघर्ष किया है महान भारतीय विचारक और समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले को देश में सामाजिक क्रांति के अग्रदूत माना जाता है महात्मा ज्योतिबा फुले ने गरीबों, महिलाओं, दलितों एवं पिछड़े वर्ग के उत्थान तथा सामाजिक जड़ताओं व कुरीतियों को दूर करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका पूरा नाम जोतिराव गोविंदराव फुले था। उन्हें ज्योतिबा फुले या महात्मा फुले के नाम से जाना जाता था। महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 11 अप्रैल,1827 को पुणे में हुआ था। उनका परिवार कई पीढ़ी पहले सतारा से पुणे आकर फूलों के गजरे आदि बनाने का काम करने लगा था। माली के काम में लगे ये लोग फुले के नाम से जाने जाते थे। ज्योतिबा फुले का जीवन और उनके विचार व महान कार्य आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बने हुए हैं भारतीय समाज में जात-पात, बाल विवाह समेत कई कुरीतियां व्याप्त थीं। महिलाओं और दलितों की स्थिति बेहद खराब थी। महात्मा फुले ने भारतीय समाज की इन कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। वह बाल-विवाह विरोधी और विधवा-विवाह के समर्थक थे। वह अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर महिलाओं का शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए लड़े। वह और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले भारत में महिला शिक्षा के अग्रदूत थे। फुले महिलाओं को स्त्री-पुरुष भेदभाव से बचाना चाहते थे। इसके लिए स्त्रियों को शिक्षित करना बेहद आवश्यक था। उन्होंने अपनी पत्नी में पढ़ाई के प्रति दिलचस्पी देखकर उन्हें पढ़ाने का मन बनाया और प्रोत्साहित किया। सावित्रीबाई ने अहमदनगर और पुणे में टीचर की ट्रेनिंग ली। उन्होंने साल 1848 में पुणे में लड़कियों के लिए देश का पहला महिला स्‍कूल खोला। इस स्कूल में उनकी पत्‍नी सावित्रीबाई पहली शिक्षिका बनीं। सावित्री बाई फुले को ही भारत की पहली शिक्षिका होने का श्रेय जाता है। फुले दंपति ने देश में कुल 18 स्कूल खोले थे। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने उनके योगदान को सम्मानित भी किया। महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उन्हें समाज का विरोध भी झेलना पड़ा।

महात्मा ज्योतिबा फुले उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्य ओर जीवन को पढ़िए ताकि पता चले उन्होंने अपने जीवन में...

बैतूल जिले के चिचोली ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कुरसना और ग्राम पंचायत बॉड रैयत की महिलाएं केवाईसी के लिए भटक रहे हैं 25 25 किलोमीटर तक 🙏❤️ ग्राम पंचायत जिरियादोह के गांव दरियावगंज जामनगरी की महिलाएं भी केवाईसी के लिए 25 किलोमीटर दूर ajai जोड़ पर केवाईसी कराने आ रही है इन ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या बहुत ज्यादा है इस कारण महिलाएं अपने गांव से दूर नेटवर्क में आ कर केवाईसी करा रही है जिससे हमने बहुत समस्या आ रही है एक महिला से हमने बात की तो उसने बताया मैं 2 दिनों से कंटिन्यू आ रही हूं किंतु मेरा काम नहीं हो पा रहा है एक तो नेटवर्क प्रॉब्लम दूसरा सर्वर डाउन चल रहा है और तीसरी सबसे बड़ी समस्या है रोजगार सहायकों की हड़ताल अक्सर ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सहायकों द्वारा काम किया जाता था परंतु अभी रोजगार सहायक हड़ताल पर हैं इस कारण से भी केवाईसी में महिलाओं को समस्या आ रही है ❤️🙏❤️

🔶 *उज्जैन पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में पंडित श्री प्रदीप मिश्रा द्वारा शिव महापुराण कथा में आने वाले...

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