Muslim behan karegi bhai ki antim iccha puri मध्य प्रदेश उज्जैन समीर का मामा रमेश अकेले रहता और सलमा जों समीर की मा थी उनसे मिलने घर आता था । अब उनका अंतिम संस्कार समीर ओर उसकी मा सलमा ही करेंगे।
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*देवास के ective पत्रकार फरीद खान की विशेष ख़बर*
:सरकारी एम्बुलेंस ने एक वृद्ध को जिला अस्पताल में अज्ञात के रूप में बीमार होने पर 23 फरवरी को भर्ती कराया दो दिन बाद पुलिस से सूचना मिलने पर भांजे ने बीमार व्यक्ति की पहचान की। उपचार के दौरान उक्त वृद्ध की मौत हो गई। मृतक हिंदू था और भांजा मुसलमान। अब वृद्ध का अंतिम संस्कार मुस्लिम बहन का परिवार हिंदू रीति रिवाज से करेगा।लावारिस हालत में एम्बुलेंस ने सीएच में भर्ती कराया था, भांजे ने की पहचान छत्रीचौक पर फलफ्रूट का व्यवसाय करता था वृद्ध रमेश पिता बसंतीलाल 65 वर्ष निवासी भार्गव मार्ग वर्षों से छत्रीचौक पर फल का व्यवसाय करता था। उसके भांजे समीर पिता अब्दुल सगीर निवासी मिल्कीपुरा ने बताया कि मामा को 23 फरवरी को तबियत बिगडऩे पर एम्बुलेंस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। खाराकुआं पुलिस ने मामा की फोटो दिखाकर क्षेत्र में पहचान कराई। समीर अस्पताल पहुंचा और रमेश की पहचान की। समीर ने बताया कि रमेश अविवाहित थे और उनके कोई परिजन आसपास नहीं रहते। उन्होंने समीर की मां सलमा को अपनी बहन बनाया था। रमेश अपनी बहन सलमा से कहते थे कि अगर मेरी मृत्यु हो जाये तो अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज से तुम ही करवाना।बहन ने मुस्लिम से विवाह किया था सूत्रों कि माने तो मामा रमेश की एक बहन भी हैं जिन्होंने मुस्लिम से शादी की और गुजरात में रह रही थीं।
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